तिथि
कृष्ण पक्ष षष्ठी
27 मई की सुबह 4:05 बजे तक, फिर कृष्ण सप्तमी
नई दिल्ली के सूर्योदय (सुबह 5:25 बजे) के अनुसार, भारतीय मानक समय (IST) में।
नक्षत्र
श्रवण
27 मई की सुबह 4:20 बजे तक, फिर धनिष्ठा
योग
ब्रह्म
रात 2:03 बजे तक, फिर इन्द्र
करण
- गर
- दोपहर 2:49 बजे तक
- वणिज
- 27 मई की सुबह 4:05 बजे तक
- विष्टि
- 27 मई की शाम 5:18 बजे तक
वार और मास
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- सुबह 5:25 बजे
- सूर्यास्त
- शाम 7:11 बजे
- चंद्रोदय
- रात 11:57 बजे
- चंद्रास्त
- सुबह 10:05 बजे
सूर्योदय के समय चंद्रमा का 74% हिस्सा चमक रहा है, और वह घट रहा है।
मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:03 से 4:44 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त
- बुधवार को नहीं माना जाता
- राहुकाल
- दोपहर 12:18 से 2:01 बजे तक
- यमगण्ड
- सुबह 7:09 से 8:52 बजे तक
- गुलिक काल
- सुबह 10:35 से दोपहर 12:18 बजे तक
परंपरा में ब्रह्म और अभिजित मुहूर्त शुभ माने जाते हैं, और नए काम की शुरुआत में राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल टाले जाते हैं।
दिन का चौघड़िया
शुभसामान्यअशुभ
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| सुबह 5:25 से 7:09 बजे तक | लाभ | शुभ |
| सुबह 7:09 से 8:52 बजे तक | अमृत | शुभ |
| सुबह 8:52 से 10:35 बजे तक | काल | अशुभ |
| सुबह 10:35 से दोपहर 12:18 बजे तक | शुभ | शुभ |
| दोपहर 12:18 से 2:01 बजे तक | रोग | अशुभ |
| दोपहर 2:01 से 3:45 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| दोपहर 3:45 से शाम 5:28 बजे तक | चर | सामान्य |
| शाम 5:28 से 7:11 बजे तक | लाभ | शुभ |
रात का चौघड़िया
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| शाम 7:11 से रात 8:28 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| रात 8:28 से 9:45 बजे तक | शुभ | शुभ |
| रात 9:45 से 11:01 बजे तक | अमृत | शुभ |
| रात 11:01 से 12:18 बजे तक | चर | सामान्य |
| रात 12:18 से 1:35 बजे तक | रोग | अशुभ |
| रात 1:35 से 2:52 बजे तक | काल | अशुभ |
| रात 2:52 से सुबह 4:08 बजे तक | लाभ | शुभ |
| सुबह 4:08 से 5:25 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
भारत
हर शहर का सूर्योदय अलग होता है, इसलिए उसकी तिथि और समय भी अलग हो सकते हैं। ये लिंक हर शहर के लिए 26 मई 2027 का पंचांग खोलते हैं।
विदेश
रिमाइंडर
एकादशी से एक दिन पहले ईमेल
एकादशी किस दिन पड़ेगी, यह आपके शहर के सूर्योदय से तय होता है, इसलिए अलग-अलग शहरों में यह दिन अलग हो सकता है। हर ईमेल आपके शहर के हिसाब से भेजा जाता है, और उसमें तिथि के शुरू और ख़त्म होने का समय भी होता है।