तिथि
कृष्ण पक्ष षष्ठी
सुबह 10:16 बजे तक, फिर कृष्ण सप्तमी
जयपुर के सूर्योदय (सुबह 6:20 बजे) के अनुसार, भारतीय मानक समय (IST) में।
नक्षत्र
मृगशिरा
रात 2:56 बजे तक, फिर आर्द्रा
योग
व्यतीपात
शाम 6:19 बजे तक, फिर वरीयान
करण
- वणिज
- सुबह 10:16 बजे तक
- विष्टि
- रात 9:07 बजे तक
- बव
- 3 अक्टूबर की सुबह 8:00 बजे तक
वार और मास
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- सुबह 6:20 बजे
- सूर्यास्त
- शाम 6:12 बजे
- चंद्रोदय
- रात 10:36 बजे
- चंद्रास्त
- दोपहर 12:04 बजे
सूर्योदय के समय चंद्रमा का 67% हिस्सा चमक रहा है, और वह घट रहा है।
मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:43 से 5:31 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:52 से दोपहर 12:40 बजे तक
- राहुकाल
- सुबह 10:47 से दोपहर 12:16 बजे तक
- यमगण्ड
- दोपहर 3:14 से शाम 4:43 बजे तक
- गुलिक काल
- सुबह 7:49 से 9:18 बजे तक
परंपरा में ब्रह्म और अभिजित मुहूर्त शुभ माने जाते हैं, और नए काम की शुरुआत में राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल टाले जाते हैं।
दिन का चौघड़िया
शुभसामान्यअशुभ
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| सुबह 6:20 से 7:49 बजे तक | चर | सामान्य |
| सुबह 7:49 से 9:18 बजे तक | लाभ | शुभ |
| सुबह 9:18 से 10:47 बजे तक | अमृत | शुभ |
| सुबह 10:47 से दोपहर 12:16 बजे तक | काल | अशुभ |
| दोपहर 12:16 से 1:45 बजे तक | शुभ | शुभ |
| दोपहर 1:45 से 3:14 बजे तक | रोग | अशुभ |
| दोपहर 3:14 से शाम 4:43 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| शाम 4:43 से 6:12 बजे तक | चर | सामान्य |
रात का चौघड़िया
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| शाम 6:12 से 7:43 बजे तक | रोग | अशुभ |
| शाम 7:43 से रात 9:14 बजे तक | काल | अशुभ |
| रात 9:14 से 10:45 बजे तक | लाभ | शुभ |
| रात 10:45 से 12:16 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| रात 12:16 से 1:47 बजे तक | शुभ | शुभ |
| रात 1:47 से 3:18 बजे तक | अमृत | शुभ |
| रात 3:18 से सुबह 4:49 बजे तक | चर | सामान्य |
| सुबह 4:49 से 6:20 बजे तक | रोग | अशुभ |
भारत
हर शहर का सूर्योदय अलग होता है, इसलिए उसकी तिथि और समय भी अलग हो सकते हैं। ये लिंक हर शहर के लिए 2 अक्टूबर 2026 का पंचांग खोलते हैं।
विदेश
रिमाइंडर
एकादशी से एक दिन पहले ईमेल
एकादशी किस दिन पड़ेगी, यह आपके शहर के सूर्योदय से तय होता है, इसलिए अलग-अलग शहरों में यह दिन अलग हो सकता है। हर ईमेल आपके शहर के हिसाब से भेजा जाता है, और उसमें तिथि के शुरू और ख़त्म होने का समय भी होता है।