तिथि
कृष्ण पक्ष द्वादशी
सुबह 9:41 बजे तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी
कोच्चि के सूर्योदय (सुबह 6:32 बजे) के अनुसार, भारतीय मानक समय (IST) में।
नक्षत्र
धनिष्ठा
17 मार्च की सुबह 6:23 बजे तक, फिर शतभिषा
योग
शिव
सुबह 9:38 बजे तक, फिर सिद्ध
करण
- तैतिल
- सुबह 9:41 बजे तक
- गर
- रात 9:38 बजे तक
- वणिज
- 17 मार्च की सुबह 9:23 बजे तक
वार और मास
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- सुबह 6:32 बजे
- सूर्यास्त
- शाम 6:36 बजे
- चंद्रोदय
- 17 मार्च की सुबह 5:10 बजे
- चंद्रास्त
- शाम 4:18 बजे
सूर्योदय के समय चंद्रमा का 10% हिस्सा चमक रहा है, और वह घट रहा है।
मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:56 से 5:44 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:10 से 12:58 बजे तक
- राहुकाल
- सुबह 8:02 से 9:33 बजे तक
- यमगण्ड
- सुबह 11:03 से दोपहर 12:34 बजे तक
- गुलिक काल
- दोपहर 2:04 से 3:35 बजे तक
परंपरा में ब्रह्म और अभिजित मुहूर्त शुभ माने जाते हैं, और नए काम की शुरुआत में राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल टाले जाते हैं।
दिन का चौघड़िया
शुभसामान्यअशुभ
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| सुबह 6:32 से 8:02 बजे तक | अमृत | शुभ |
| सुबह 8:02 से 9:33 बजे तक | काल | अशुभ |
| सुबह 9:33 से 11:03 बजे तक | शुभ | शुभ |
| सुबह 11:03 से दोपहर 12:34 बजे तक | रोग | अशुभ |
| दोपहर 12:34 से 2:04 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| दोपहर 2:04 से 3:35 बजे तक | चर | सामान्य |
| दोपहर 3:35 से शाम 5:05 बजे तक | लाभ | शुभ |
| शाम 5:05 से 6:36 बजे तक | अमृत | शुभ |
रात का चौघड़िया
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| शाम 6:36 से रात 8:05 बजे तक | चर | सामान्य |
| रात 8:05 से 9:35 बजे तक | रोग | अशुभ |
| रात 9:35 से 11:04 बजे तक | काल | अशुभ |
| रात 11:04 से 12:33 बजे तक | लाभ | शुभ |
| रात 12:33 से 2:03 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| रात 2:03 से 3:32 बजे तक | शुभ | शुभ |
| रात 3:32 से सुबह 5:02 बजे तक | अमृत | शुभ |
| सुबह 5:02 से 6:31 बजे तक | चर | सामान्य |
भारत
हर शहर का सूर्योदय अलग होता है, इसलिए उसकी तिथि और समय भी अलग हो सकते हैं। ये लिंक हर शहर के लिए 16 मार्च 2026 का पंचांग खोलते हैं।
विदेश
रिमाइंडर
एकादशी से एक दिन पहले ईमेल
एकादशी किस दिन पड़ेगी, यह आपके शहर के सूर्योदय से तय होता है, इसलिए अलग-अलग शहरों में यह दिन अलग हो सकता है। हर ईमेल आपके शहर के हिसाब से भेजा जाता है, और उसमें तिथि के शुरू और ख़त्म होने का समय भी होता है।