तिथि
कृष्ण पक्ष द्वादशी
सुबह 9:36 बजे तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी
कोलकाता के सूर्योदय (सुबह 5:18 बजे) के अनुसार, भारतीय मानक समय (IST) में।
नक्षत्र
पुनर्वसु
सुबह 6:18 बजे तक, फिर पुष्य
योग
व्यतीपात
सुबह 9:29 बजे तक, फिर वरीयान
करण
- तैतिल
- सुबह 9:36 बजे तक
- गर
- शाम 7:56 बजे तक
- वणिज
- 30 अगस्त की सुबह 6:13 बजे तक
वार और मास
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- सुबह 5:18 बजे
- सूर्यास्त
- शाम 5:57 बजे
- चंद्रोदय
- रात 3:32 बजे
- चंद्रास्त
- शाम 4:01 बजे
सूर्योदय के समय चंद्रमा का 11% हिस्सा चमक रहा है, और वह घट रहा है।
मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:47 से सुबह 4:33 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:12 से दोपहर 12:03 बजे तक
- राहुकाल
- शाम 4:22 से 5:57 बजे तक
- यमगण्ड
- सुबह 11:37 से दोपहर 1:12 बजे तक
- गुलिक काल
- दोपहर 2:47 से शाम 4:22 बजे तक
परंपरा में ब्रह्म और अभिजित मुहूर्त शुभ माने जाते हैं, और नए काम की शुरुआत में राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल टाले जाते हैं।
दिन का चौघड़िया
शुभसामान्यअशुभ
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| सुबह 5:18 से 6:53 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| सुबह 6:53 से 8:28 बजे तक | चर | सामान्य |
| सुबह 8:28 से 10:03 बजे तक | लाभ | शुभ |
| सुबह 10:03 से 11:37 बजे तक | अमृत | शुभ |
| सुबह 11:37 से दोपहर 1:12 बजे तक | काल | अशुभ |
| दोपहर 1:12 से 2:47 बजे तक | शुभ | शुभ |
| दोपहर 2:47 से शाम 4:22 बजे तक | रोग | अशुभ |
| शाम 4:22 से 5:57 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
रात का चौघड़िया
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| शाम 5:57 से 7:22 बजे तक | शुभ | शुभ |
| शाम 7:22 से रात 8:47 बजे तक | अमृत | शुभ |
| रात 8:47 से 10:12 बजे तक | चर | सामान्य |
| रात 10:12 से 11:38 बजे तक | रोग | अशुभ |
| रात 11:38 से 1:03 बजे तक | काल | अशुभ |
| रात 1:03 से 2:28 बजे तक | लाभ | शुभ |
| रात 2:28 से 3:53 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| रात 3:53 से सुबह 5:18 बजे तक | शुभ | शुभ |
भारत
हर शहर का सूर्योदय अलग होता है, इसलिए उसकी तिथि और समय भी अलग हो सकते हैं। ये लिंक हर शहर के लिए 29 अगस्त 2027 का पंचांग खोलते हैं।
विदेश
रिमाइंडर
एकादशी से एक दिन पहले ईमेल
एकादशी किस दिन पड़ेगी, यह आपके शहर के सूर्योदय से तय होता है, इसलिए अलग-अलग शहरों में यह दिन अलग हो सकता है। हर ईमेल आपके शहर के हिसाब से भेजा जाता है, और उसमें तिथि के शुरू और ख़त्म होने का समय भी होता है।