तिथि
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
दोपहर 3:36 बजे तक, फिर अमावस्या
वैंकूवर के सूर्योदय (सुबह 5:10 बजे) के अनुसार, उत्तरी अमेरिकी प्रशांत डेलाइट समय में।
नक्षत्र
कृत्तिका
रात 8:44 बजे तक, फिर रोहिणी
योग
अतिगण्ड
सुबह 6:36 बजे तक, फिर सुकर्मा
करण
- शकुनि
- दोपहर 3:36 बजे तक
- चतुष्पद
- रात 2:11 बजे तक
- नाग
- 4 जून की दोपहर 12:40 बजे तक
वार और मास
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- सुबह 5:10 बजे
- सूर्यास्त
- रात 9:11 बजे
- चंद्रोदय
- 4 जून की सुबह 4:36 बजे
- चंद्रास्त
- रात 8:35 बजे
सूर्योदय के समय चंद्रमा का 3% हिस्सा चमक रहा है, और वह घट रहा है।
मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:06 से 4:38 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:39 से 1:43 बजे तक
- राहुकाल
- दोपहर 3:11 से शाम 5:11 बजे तक
- यमगण्ड
- सुबह 5:10 से 7:11 बजे तक
- गुलिक काल
- सुबह 9:11 से 11:11 बजे तक
परंपरा में ब्रह्म और अभिजित मुहूर्त शुभ माने जाते हैं, और नए काम की शुरुआत में राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल टाले जाते हैं।
दिन का चौघड़िया
शुभसामान्यअशुभ
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| सुबह 5:10 से 7:11 बजे तक | शुभ | शुभ |
| सुबह 7:11 से 9:11 बजे तक | रोग | अशुभ |
| सुबह 9:11 से 11:11 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| सुबह 11:11 से दोपहर 1:11 बजे तक | चर | सामान्य |
| दोपहर 1:11 से 3:11 बजे तक | लाभ | शुभ |
| दोपहर 3:11 से शाम 5:11 बजे तक | अमृत | शुभ |
| शाम 5:11 से 7:11 बजे तक | काल | अशुभ |
| शाम 7:11 से रात 9:11 बजे तक | शुभ | शुभ |
रात का चौघड़िया
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| रात 9:11 से 10:11 बजे तक | अमृत | शुभ |
| रात 10:11 से 11:11 बजे तक | चर | सामान्य |
| रात 11:11 से 12:11 बजे तक | रोग | अशुभ |
| रात 12:11 से 1:11 बजे तक | काल | अशुभ |
| रात 1:11 से 2:10 बजे तक | लाभ | शुभ |
| रात 2:10 से 3:10 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| रात 3:10 से सुबह 4:10 बजे तक | शुभ | शुभ |
| सुबह 4:10 से 5:10 बजे तक | अमृत | शुभ |
भारत
हर शहर का सूर्योदय अलग होता है, इसलिए उसकी तिथि और समय भी अलग हो सकते हैं। ये लिंक हर शहर के लिए 3 जून 2027 का पंचांग खोलते हैं।
विदेश
रिमाइंडर
एकादशी से एक दिन पहले ईमेल
एकादशी किस दिन पड़ेगी, यह आपके शहर के सूर्योदय से तय होता है, इसलिए अलग-अलग शहरों में यह दिन अलग हो सकता है। हर ईमेल आपके शहर के हिसाब से भेजा जाता है, और उसमें तिथि के शुरू और ख़त्म होने का समय भी होता है।