तिथि
कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
सुबह 9:23 बजे तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी
वाराणसी के सूर्योदय (सुबह 6:06 बजे) के अनुसार, भारतीय मानक समय (IST) में।
नक्षत्र
धनिष्ठा
सुबह 6:23 बजे तक, फिर शतभिषा
योग
सिद्ध
सुबह 8:16 बजे तक, फिर साध्य
करण
- वणिज
- सुबह 9:23 बजे तक
- विष्टि
- रात 8:59 बजे तक
- शकुनि
- 18 मार्च की सुबह 8:26 बजे तक
वार और मास
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- सुबह 6:06 बजे
- सूर्यास्त
- शाम 6:08 बजे
- चंद्रोदय
- 18 मार्च की सुबह 5:31 बजे
- चंद्रास्त
- शाम 4:29 बजे
सूर्योदय के समय चंद्रमा का 5% हिस्सा चमक रहा है, और वह घट रहा है।
मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:30 से 5:18 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:43 से दोपहर 12:31 बजे तक
- राहुकाल
- दोपहर 3:07 से शाम 4:37 बजे तक
- यमगण्ड
- सुबह 9:06 से 10:36 बजे तक
- गुलिक काल
- दोपहर 12:07 से 1:37 बजे तक
परंपरा में ब्रह्म और अभिजित मुहूर्त शुभ माने जाते हैं, और नए काम की शुरुआत में राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल टाले जाते हैं।
दिन का चौघड़िया
शुभसामान्यअशुभ
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| सुबह 6:06 से 7:36 बजे तक | रोग | अशुभ |
| सुबह 7:36 से 9:06 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| सुबह 9:06 से 10:36 बजे तक | चर | सामान्य |
| सुबह 10:36 से दोपहर 12:07 बजे तक | लाभ | शुभ |
| दोपहर 12:07 से 1:37 बजे तक | अमृत | शुभ |
| दोपहर 1:37 से 3:07 बजे तक | काल | अशुभ |
| दोपहर 3:07 से शाम 4:37 बजे तक | शुभ | शुभ |
| शाम 4:37 से 6:08 बजे तक | रोग | अशुभ |
रात का चौघड़िया
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| शाम 6:08 से 7:37 बजे तक | काल | अशुभ |
| शाम 7:37 से रात 9:07 बजे तक | लाभ | शुभ |
| रात 9:07 से 10:37 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| रात 10:37 से 12:06 बजे तक | शुभ | शुभ |
| रात 12:06 से 1:36 बजे तक | अमृत | शुभ |
| रात 1:36 से 3:05 बजे तक | चर | सामान्य |
| रात 3:05 से सुबह 4:35 बजे तक | रोग | अशुभ |
| सुबह 4:35 से 6:05 बजे तक | काल | अशुभ |
भारत
हर शहर का सूर्योदय अलग होता है, इसलिए उसकी तिथि और समय भी अलग हो सकते हैं। ये लिंक हर शहर के लिए 17 मार्च 2026 का पंचांग खोलते हैं।
विदेश
रिमाइंडर
एकादशी से एक दिन पहले ईमेल
एकादशी किस दिन पड़ेगी, यह आपके शहर के सूर्योदय से तय होता है, इसलिए अलग-अलग शहरों में यह दिन अलग हो सकता है। हर ईमेल आपके शहर के हिसाब से भेजा जाता है, और उसमें तिथि के शुरू और ख़त्म होने का समय भी होता है।