तिथि
कृष्ण पक्ष द्वादशी
शाम 6:15 बजे तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी
वाराणसी के सूर्योदय (सुबह 5:11 बजे) के अनुसार, भारतीय मानक समय (IST) में।
नक्षत्र
कृत्तिका
शाम 7:32 बजे तक, फिर रोहिणी
योग
धृति
सुबह 5:58 बजे तक, फिर शूल
करण
- कौलव
- सुबह 7:28 बजे तक
- तैतिल
- शाम 6:15 बजे तक
- गर
- 2 जुलाई की सुबह 4:53 बजे तक
- वणिज
- 2 जुलाई की दोपहर 3:24 बजे तक
वार और मास
सूर्य और चंद्र
- सूर्योदय
- सुबह 5:11 बजे
- सूर्यास्त
- शाम 6:53 बजे
- चंद्रोदय
- रात 2:55 बजे
- चंद्रास्त
- शाम 4:04 बजे
सूर्योदय के समय चंद्रमा का 14% हिस्सा चमक रहा है, और वह घट रहा है।
मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:49 से सुबह 4:30 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:34 से दोपहर 12:29 बजे तक
- राहुकाल
- दोपहर 1:45 से 3:27 बजे तक
- यमगण्ड
- सुबह 5:11 से 6:54 बजे तक
- गुलिक काल
- सुबह 8:37 से 10:19 बजे तक
परंपरा में ब्रह्म और अभिजित मुहूर्त शुभ माने जाते हैं, और नए काम की शुरुआत में राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल टाले जाते हैं।
दिन का चौघड़िया
शुभसामान्यअशुभ
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| सुबह 5:11 से 6:54 बजे तक | शुभ | शुभ |
| सुबह 6:54 से 8:37 बजे तक | रोग | अशुभ |
| सुबह 8:37 से 10:19 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| सुबह 10:19 से दोपहर 12:02 बजे तक | चर | सामान्य |
| दोपहर 12:02 से 1:45 बजे तक | लाभ | शुभ |
| दोपहर 1:45 से 3:27 बजे तक | अमृत | शुभ |
| दोपहर 3:27 से शाम 5:10 बजे तक | काल | अशुभ |
| शाम 5:10 से 6:53 बजे तक | शुभ | शुभ |
रात का चौघड़िया
| समय | चौघड़िया | फल |
|---|---|---|
| शाम 6:53 से रात 8:10 बजे तक | अमृत | शुभ |
| रात 8:10 से 9:27 बजे तक | चर | सामान्य |
| रात 9:27 से 10:45 बजे तक | रोग | अशुभ |
| रात 10:45 से 12:02 बजे तक | काल | अशुभ |
| रात 12:02 से 1:19 बजे तक | लाभ | शुभ |
| रात 1:19 से 2:37 बजे तक | उद्वेग | अशुभ |
| रात 2:37 से 3:54 बजे तक | शुभ | शुभ |
| रात 3:54 से सुबह 5:11 बजे तक | अमृत | शुभ |
भारत
हर शहर का सूर्योदय अलग होता है, इसलिए उसकी तिथि और समय भी अलग हो सकते हैं। ये लिंक हर शहर के लिए 1 जुलाई 2027 का पंचांग खोलते हैं।
विदेश
रिमाइंडर
एकादशी से एक दिन पहले ईमेल
एकादशी किस दिन पड़ेगी, यह आपके शहर के सूर्योदय से तय होता है, इसलिए अलग-अलग शहरों में यह दिन अलग हो सकता है। हर ईमेल आपके शहर के हिसाब से भेजा जाता है, और उसमें तिथि के शुरू और ख़त्म होने का समय भी होता है।